Diabetes – क्या एक Silent Killer है?

Diabetes (मधुमेह) एक बहुत ही आम सी लेकिन खतरनाक बीमारी है. दुनिया में Diabetes के छह में से एक व्यक्ति भारत से है, और हम दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल हो चुके है। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस समय भारत में करीबन 77 मिलियन Diabetes रोगियों के साथ सूची में दूसरे नंबर पर हैं और चीन 116 मिलियन से अधिक Diabetes रोगियों के साथ इस सूची में पहले नं पर है।

अगर Diabetes रोगी इसी रफ़्तार से बढ़ते रहे तो अगले २५ सालों में ये आंकड़ा १३४ मिलियन के पार पहुँच जायेगा, ये तस्वीर निश्चित ही डरावनी है। क्या आपको जानते है कि 14th November को World Diabetes Day मनाया जाता है

Blue Ring is Symbol of World Diabetes Day 14 November

लेकिन लोग इस गलतफहमी में जी रहे हैं कि Diabetes ज्यादा खतरनाक नहीं। जबकि हकीकत में यह बीमारी ब्रेस्ट कैंसर और एड्स से कहीं ज्यादा खतरनाक है।इसलिए मैं आज आप लोगों को इस बीमारी के बारें में detail से बताऊंगा ताकि आप लोग किसी भ्रम का शिकार ना बनें।

Diabetes के प्रकार:

1- Type 1 diabetes:

इस स्टेज में आपकी body insulin हार्मोन को बनाने में असमर्थ होती है, तब इंसुलिन को बाहर से लेना पड़ता है। Pancreas (अग्न्याशय) के β-cell द्वारा बनाये गए हार्मोन को इंसुलिन कहते है, जिसका काम हमारे खून में मौजूद glucose (शुगर) को एनर्जी में बदलना है। Type 1 diabetes को insulin-dependent diabetes mellitus (IDDM) के नाम से भी जानते हैं।

2- Type 2 diabetes:

इस स्टेज में आपकी body में insulin कम बनता है या शरीर इंसुलिन का प्रतिरोधी हो गया है और हमारी ख़राब लाइफस्टाइल भी बहुत बड़ी वजह होती है, अधिकांशतः लोग टाइप २ स्टेज से ही ज्यादा पीड़ित हैं। Type २ diabetes को Non-insulin-dependent diabetes mellitus (NIDDM) के नाम से भी जानते हैं।

3- Gestational diabetes:

यह स्थिति महिलाओं को प्रेग्नेंसी के समय होती है लेकिन बच्चे के जन्म के बाद शुगर लेवल अपने आप सामान्य हो जाता है। महिलाओं को प्रेग्नेंसी के समय Diabetes की जांच जरूर करानी चाहिए। लापरवाही नुकसानदायक हो सकती है।

Diabetes के Symptoms

Hypoglycemia

हाइपोग्लाइसीमिया, या निम्न रक्त शर्करा, तब होता है जब आपके रक्त में Suger या Glucose का स्तर शरीर को ईंधन देने के लिए बहुत कम हो जाता है।

लक्षण:

घबराहट या बेचैनी होना

पसीना निकलना

उलझन महसूस होना

मन अस्थिर होना

भूक लगना

नींद लगना

कमजोरी महसूस होना

hyperglycemia

हाइपरग्लेसेमिया या High Blood Suger, ऊपर दिए गए लक्षणों के अलावा और भी हैं।

लक्षण:

बहुत भूख और प्यास लगना

आँखों की रोशनी कम होना

बार-बार पेशाब होना

हाथ पावं में झनझनाहट या सुन्न होना

थकान महसूस होना

पेशाब में शक्कर

वजन घटना

शरीर में खुजली होना

धीमी गति से चिकित्सा में कटौती और घावों

प्रति मिलीलीटर 180 मिलीग्राम से अधिक रक्त में ग्लूकोज (मिलीग्राम / डीएल)

मितली आना और उल्टी होना (dangerous level caled diabetic ketoacidosis)

 

डायबिटीज़ का शरीर के अंगों पर होने वाला असर और बचाव:

1- आंख

हाइपरग्लाइसीमिया होने नजर कमजोर हो सकती है और अगर इस पर ध्यान नही दिया, तो आगे चलकर यह कैटरेक्ट (मोतियाबिंद) में बदल सकती है। जिसे हम डायबिटिक रेटिनोपैथी कहते हैं।

इलाज और बचाव:

नियमित तौर पर आंखों की जांच करवाते रहेंगे, तो अधिकतर समस्याओं का पता शुरूआत में ही लग सकता है. इसका इलाज फ़ोटोकोएगुलेशन या सर्ज़री से किया जाता है।

2- त्वचा

Diabetes में स्किन इंफ़ेक्शन होना काफ़ी आम सी बात है, जिसे हम अनदेखा कर देते हैं, डायबिटीज़ से पीड़ित 30-४०% लोगों में त्वचा संक्रमण (बैक्टीरियल/फ़ंगल) हो जाता है जैसे शुष्क त्वचा, स्किन टैग्स (त्वचा में उभार) और काले चकत्ते पड़ना। जिसे हम सेबोरिक केरेटोसिस के नाम से भी जानते हैं।

इलाज और बचाव:

अपनी त्वचा में आये किसी भी तरह के बदलाव पर ध्यान दें और ऊपर बताये गए लक्षणों में से कोई भी दिखाई देता है तो इसके इलाज के लिए डॉक्टर से मिलें।

3- किडनी

किडनी की बीमारी होने के पीछे का मुख्य कारण Diabetes ही है, खासकर किडनी फ़ेल होने के मामले में। Type2 Diabetes से प्रभावित लोगों में इसका ज़िम्मेदार हाई कोलेस्ट्रॉल, हाई ट्राइग्लिसराइड और लो एचडीएल है।

इलाज और बचाव:

पेशाब की जांच करवाने से शुरुआत में ही इसका पता चल जाता है। हम अपने अच्छे खान-पान और एक्सरसाइज़ से कोलेस्ट्रॉल के लेवल (लिपिड प्रोफ़ाइल) को सही कर सकते हैं। अगर आप स्मोकिंग (धूम्रपान) करते हैं तो स्मोकिंग बंद कर दें।

4- ह्रदय और खून की नसें:

हाइपरग्लाइसिमिया होने पर, मधुमेह ग्रस्त लोगों में हाई कोलेस्ट्रॉल और/या हाई ब्लड प्रेशर होने की संभावना बहुत होती है. जिससे कि ख़ून की नसें सख्त़ हो सकती हैं, जिसके कारण आपको Heart Attack (दिल का दौरा) या दिल से जुड़ी दूसरी तकलीफ़ें होने का खतरा हो सकता है।

Diabetes में किन खाने-पीने की चीजों का सेवन करें:

शुगर से ग्रस्त लोगों को नीचे दी गई खाद्य लिस्ट को अपनी डाइट में जरूर शामिल करना चाहिए:

अनाज और दालें

साबुत अनाज, गेहूं का आटा, सोयाबीन, अंकुरित किए हुए चने और दालें, ब्राउन राइस, चोकर मिला हुआ आटा, छिलके वाली दाल, सूरजमुखी के बीज, चिया सीड्स, मेथी के बीज सरसों व सोयाबीन का तेल इत्यादि।

सब्जियां

खीरा, शिमला मिर्च, गाजर, ब्रोकली, शलजम, कद्दू, ककड़ी, सरसों का साग, फूल गोभी, मूली, बंद गोभी, टमाटर, करेला, मेथी, पालक इत्यादि।

फल

सेब, अमरूद, नाशपाती, पपीता, सिंघाड़ा, पाइनऐपल, आड़ू और जामुन इत्यादि।

Diabetes में किन चीजों को कम खाना चाहिए :

नमक , मीट, मछली ,अंडा ,अल्कोहल, चाय,कॉफी, शहद , नारियल, sea food इत्यादि।

Diabetes में किन चीजों को avoid करें :

चीनी, सफ़ेद चावल, मैदा, मुरब्बा, फास्ट फूड, कोल्ड ड्रिंक्स, आइस्क्रीम, केक, चॉकलेट, मिठाइयां आलू, शकरकंद, आम, लीची, तरबूज, वनस्पित घी, रिफाइंड तेल, मक्खन, फ्रूट जूस, किसमिश, चीकू, फुल फैट मिल्क, डिब्बा बंद और संरक्षित खाद्य पदार्थ इत्यादि।

Diabetes में निम्न सावधानियां जरूर बरतें:

ज्यादा नमक वाला खाना न खाएं।

नाश्ता करना न भूलें।

तेल का अधिक इस्तेमाल न करें।

मीठी चीजें जैसे मिठाई, केक या पेस्ट्री अधिक न खाएं।

रात को जल्दी सोएं और सुबह जल्दी उठें।

हाई कोलेस्ट्रॉल और वसा वाले खाद्य पदार्थ न खाएं।

तनाव और चिंता से दूर रहें।

ऊपर बताये गए डाइट प्लान का पूरी तरह से पालन करेंगे तो आप शुगर के स्तर को नियंत्रित रख सकते हैं जो स्वस्थ जीवन जीने के रास्ते को और आसान देगा।

(अस्वीकरण: इस लेख के माध्यम से हम केवल सामान्य जानकारी आपको मुहैया करा रहे हैं। इसकी प्रमाणिकता के लिए हमेशा अपने डॉक्टर से संपर्क अवश्य करें।)

 

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Ashok Kumar
Ashok Kumar

नमस्कार दोस्तों,
मैं एक Health Blogger हूँ, और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के बारे में शोध-आधारित लेख लिखना पसंद करता हूँ, जो शिक्षाप्रद होने के साथ प्रासंगिक भी हों। मैं अक्सर Health, Wellness, Personal Care, Relationship, Sexual Health, और Women Health जैसे विषयों पर Article लिखता हूँ। लेकिन मेरे पसंदीदा विषय Health और Relationship से आते हैं।

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