सर्दियों में हार्ट अटैक का शिकार लोग क्यों अधिक होते हैं?

दिल का दौरा पड़ना अपने आप में चिंताजनक है! लेकिन क्या आप जानते हैं, कि सर्दियों में हार्ट अटैक क्यों ज्यादा आते हैं? या अधिक आम क्यों हैं? वर्षों से कई अध्ययनों ने पुष्टि की है, कि पूरे साल गर्म महीनों की तुलना में ठंडे सर्दियों के महीनों में दिल का दौरा पड़ने की संभावना 30% तक अधिक हो सकती है। पूरी तरह से स्वस्थ्य लोगों को भी जोखिम हो सकता है।

Woman holding heart shape

सर्दियों में हार्ट अटैक क्यों ज्यादा आते हैं? इस घटना के कारण क्या हो सकते हैं और क्या कोई तरीका है, जिससे आप इस जोखिम को कम कर सकते हैं? बड़ी बात यह है, कि इसकी खोज के बाद से ही कई डॉक्टरों और कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों (Cardiologists) ने इसके बढ़ने के संभावित कारणों को सामने रखा है।

यह जानने के लिए पढ़ें, कि सर्दियों को दिल के दौरे का मौसम क्यों कहा जाता है और आप अपने जोखिमों को कम करने के लिए क्या कर सकते हैं।

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सर्दियों में आपका दिल कैसे प्रभावित होता है?

वास्तव में, सर्दी हमारे हृदय स्वास्थ्य पर क्या प्रतिकूल प्रभाव डालती है, इस पर अभी शोध जारी है। हालांकि, सर्दियों के दौरान, हमारा शरीर बेहतर ढंग से काम करने के लिए कुछ शारीरिक और जैविक समायोजन की प्रक्रियाओं से गुजरता है। क्योंकि, आप सर्दियों में कम सक्रिय रहते हैं, आराम करने और गर्म रहने के लिए घर के अंदर रहना पसंद करते हैं। इसलिए, आपके शरीर और हृदय को उतना व्यायाम नहीं मिल पाता है, जितना कि उसे मिलना चाहिए।

ठंड आपकी रक्त वाहिकाओं और कोरोनरी धमनियों को संकुचित कर सकती है, जिसके परिणामस्वरूप रक्तचाप का उच्च स्तर, बाधित रक्त प्रवाह और हृदय को ऑक्सीजन की कम आपूर्ति, जिससे अंततः दिल का दौरा पड़ सकता है।

सर्दियों के दौरान हृदय रोगी निम्न हृदय स्थितियों के प्रति संवेदनशील होते हैं:

हाइपोथर्मिया (Hypothermia)

सर्दियों के दौरान आपके दिल को शरीर के स्वस्थ तापमान को बनाए रखने के लिए अधिक मेहनत करनी पड़ती है। सर्दियों में हाइपोथर्मिया (Hypothermia) हो सकता है, यह एक चिकित्सा स्थिति से संबंधित है। जिसमें शरीर उत्पन्न होने की तुलना में अधिक तेजी से गर्मी खो देता है और शरीर का तापमान सामान्य सीमा यानी 98.6F (37°C) से नीचे गिर जाता है। हाइपोथर्मिया से पीड़ित के शरीर का तापमान 95F (35°C) से नीचे चला जाता है, जिसके परिणामस्वरूप हृदय की मांसपेशियां क्षतिग्रस्त हो जाती हैं।

ठंड का मौसम मानव हृदय के लिए अच्छा वातावरण नहीं है। सर्दियों में, आपके शरीर को गर्म रखने के लिए हृदय को रक्त पंप करने के लिए दोगुनी मेहनत करनी पड़ती है, जबकि ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, और रक्त प्रवाह बाधित हो जाता है। जिससे हृदय की मांसपेशियों को ऑक्सीजन की आपूर्ति कम हो जाती है, जो रक्तचाप बढ़ने का कारण बनता है। इसलिए सर्दियों के दौरान रक्त के थक्के बनने और स्ट्रोक या दिल का दौरा पड़ने की संभावना अधिक होती है।

हाइपोथर्मिया के संकेतों में शामिल हैं:

  • कांपना या कंपकंपी लगना
  • थकान, थकावट महसूस होना
  • उनींदापन या सुस्ती महसूस होना
  • अस्पष्ट (लड़खड़ाते हुए) बोलना

एंजाइना (Angina)

एंजाइना स्वयं कोरोनरी धमनी रोग का एक लक्षण है, जो तब होता है जब हृदय को पर्याप्त ऑक्सीजन युक्त रक्त नहीं मिलता है। सर्दियों में प्रतिबंधित रक्त प्रवाह के कारण व्यक्ति को एंजाइना पेक्टोरिस (Angina Pectoris) का अनुभव हो सकता है।

एनजाइना के लक्षणों में शामिल हैं:

  • सीने में दर्द और बेचैनी जो कई मिनट तक रहती है
  • छाती में दबाव महसूस होना
  • सीने में जकड़न या भारीपन
  • पसीना और सांस लेने में तकलीफ

इसके अलावा, सर्दियों के दौरान भावनात्मक तनाव, जिसे सीजनल अफेक्टिव डिसऑर्डर भी कहा जाता है, तनाव हार्मोन के स्तर को बढ़ा सकता है, जिससे आपके दिल के दौरे या स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।

इसके अलावा, जैसे-जैसे तापमान गिरना शुरू होता है, आपका रक्तचाप और कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ने लगता है, जिससे आपको दिल का दौरा पड़ने का खतरा बढ़ जाता है।

सर्दी के मौसम में खतरा क्यों बढ़ जाता है?

बारह हृदय रोग और मौसमी पैटर्न

बारह हृदय रोगों में मौसमी पैटर्न पर एक समीक्षा लेख में पाया गया है, कि तापमान, विटामिन डी, सीरम कोलेस्ट्रॉल स्तर, शारीरिक निष्क्रियता, जमावट कारक, हार्मोन, वायु प्रदूषण, संक्रमण, आयु, लिंग, आहार और मोटापा हृदय रोगों की परिवर्तनशीलता में मौसमी निर्धारक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

बारह हृदय रोग कौन कौन से हैं:

  • गहरी शिरा घनास्त्रता (Deep Venous Thrombosis)
  • फुफ्फुसीय अन्त: शल्यता (Pulmonary Embolism)
  • महाधमनी विच्छेदन और टूटना (Aortic Dissection and Rupture)
  • स्ट्रोक (Stroke)
  • इंट्राकेरेब्रल रक्तस्राव (Intracerebral Hemorrhage)
  • उच्च रक्तचाप (Hypertension)
  • हृदय की विफलता (Heart Failure)
  • एनजाइना पेक्टोरिस (Angina Pectoris)
  • मायोकार्डियल इन्फ्रक्शन (Myocardial Infarction)
  • अचानक कार्डियक डेथ (Sudden Cardiac Death)
  • वेंट्रिकुलर एरिथिमिया (Ventricular Arrhythmia)
  • एट्रियल फाइब्रिलेशन (Atrial Fibrillation)

शोध पत्र से यह पता चलता है, कि मौसम और हृदय रोगों के बीच का संबंध अज्ञात है और सर्दियों में बीमारी का बढ़ना अन्य मौसम की तुलना में अधिक क्यों होता है। सर्दियों के दौरान हृदय रोगों का खतरा सबसे बड़ा प्रतीत होता है, खासकर बुजुर्ग लोगों में।

बाहर के तापमान का गिरना

जब भी वातावरण का तापमान गिरकर हमारे शरीर के तापमान से कम यानि 25 डिग्री से भी नीचे गिर जाये, तो शरीर की सतह हमारी गर्माहट को बनाये रखने की कोशिश करती है। इसके कारण BMR (Basal Metabolic Rate) बढ़ जाता है, मतलब शरीर पर काम के बोझ का बढ़ जाना।

सर्दियों के दौरान, वाहिकासंकीर्णन की संभावना बढ़ जाती है, जो अटैक का कारण बन सकता है। प्लेटलेट का जमाव जैसे कुछ जमावट कारकों में वृद्धि और सुबह के वक़्त फाइब्रिनोजेन (fibrinogen) के स्तर में बढ़ोत्तरी होने से कोरोनरी धमनियों (Coronary Arteries) में रक्त के थक्के जमने की संभावना बढ़ जाती है।

ठंड के कारण, कई लोगों की शारीरिक गतिविधियां बंद हो जाती है। साथ ही सर्दी का मौसम त्योहारों और शादियों का समय होता है, जब लोग उच्च कैलोरी वाला खाना खाते हैं। ये सभी चीजें सर्दियों में हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ाते हैं।

What is Basal Metabolic Rate

Basal Metabolic Rate (BMR) is, an index of the general level of activity of an individual’s body metabolism, determined by measuring his oxygen intake in the basal state—i.e., during absolute rest, but not sleep, 14 to 18 hours after eating. The higher the amount of oxygen consumed in a certain time interval, the more active the oxidative process of the body and the higher the rate of body metabolism. The BMR has been used in measuring the general metabolic state during therapy. It was formerly widely used to assess thyroid function since the thyroid hormones are prime regulators of tissue oxidation and metabolism; but, since the advent of radioactive-isotope tests and thyroid-hormone studies, BMR measurements have fallen into disuse.

Reference – https://www.britannica.com/science/basal-metabolic-rate

और पढ़ें – सर्दियों में बढ़ रहे हार्ट अटैक के मामले, जानें इसके कारण और बचाव के तरीके

सर्दियों में हार्ट अटैक ज्यादा होने के कारण क्या हैं?

अन्य महीनों की तुलना में, सर्दियों सर्दियों में हार्ट अटैक अधिक होने का मुख्य जोखिम कारक जैविक (Biological) है। चूंकि कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम (Cardiovascular System) ठंडे तापमान में काम नहीं करता है, मतलब, क्या सिर्फ सर्दियों के दौरान ही व्यायाम करना चाहिए? मतलब साफ़ है, कि आपको सर्दियों अपने शरीर पर तब ध्यान देना चाहिए, जब आप भारी काम या ऐसी अन्य गतिविधियों को कर रहे हों, जो आपके दिल पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं।

सर्दियों में दिल के दौरे अधिक आम क्यों होते हैं, इसके कुछ कारण यहां दिए गए हैं:

  • ठंड के कारण रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं। यह आपके रक्तचाप को बढ़ा सकता है और आपके दिल के दौरे और स्ट्रोक के जोखिम को बढ़ा सकता है।
  • सर्दियों में उच्च रक्तचाप कोरोनरी धमनियों के सिकुड़ने के साथ भी काम कर सकता है और सीने में दर्द बढ़ सकता है, इससे हृदय और इसकी मांसपेशियों में रक्त और ऑक्सीजन का प्रवाह कम हो सकता है। इससे दिल का दौरा पड़ सकता है।
  • ठंड में, आपका हृदय स्वस्थ शरीर के तापमान को बनाए रखने के लिए अतिरिक्त मेहनत करता है। लेकिन, सर्द हवाएं इसे और कठिन बना सकती हैं, क्योंकि यह आपके शरीर से अधिक तेज़ी से गर्मी कम करने का कारण बनती हैं। यदि आपके शरीर का तापमान 95F (35°C) से कम हो जाता है, तो हाइपोथर्मिया आपके हृदय की मांसपेशियों को नुकसान पहुंचा सकता है।

हार्ट अटैक के चेतावनी संकेत और लक्षण क्या हैं?

दिल का दौरा पुरुषों और महिलाओं में अलग-अलग तरह के संकेत और लक्षण पैदा कर सकता है।

पुरुषों में, यह ज्यादातर सीने में दर्द (तीव्र) के साथ होता है, जो बाएं हाथ तक फैलता है। यह मांसपेशियों में खिंचाव के रूप में सामने आ सकता है, और तीव्रता में उतार-चढ़ाव के साथ कुछ मिनटों से अधिक समय तक रह सकता है।

महिलाओं में, अत्यधिक थकान, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना, पसीना आना, जबड़े में दर्द, मतली, पेट या पीठ में दर्द, सुन्नता या झुनझुनी और फ्लू जैसे लक्षण अनुभव हो सकते हैं।

हालाँकि, कई बार ऐसा भी हो सकता है, कि कोई संकेत या लक्षण प्रकट ही न हो। ऐसे में इसे साइलेंट हार्ट अटैक या साइलेंट इस्किमिया (Silent Ischemia) के नाम से भी जाना जाता है।

यदि आप ऊपर दिए गए किसी भी संकेत या लक्षण को नोटिस करते हैं, तो तुरंत अपने डॉक्टर से संपर्क करें।

Heart attack signs

 

सर्दियों में हार्ट अटैक का अधिक खतरा किसे होता है?

सर्दियों के मौसम में दिल को वास्तव में अधिक खतरा होता है, इसलिए जो दिल के मरीज होते हैं, उन लोगों को सर्दियों के दौरान अपने हृदय स्वास्थ्य के बारे में बहुत सावधान रहना चाहिए।

सर्दियों में जिन लोगों को दिल का दौरा पड़ने का अधिक खतरा होता है वे हैं:

  1. दिल की समस्याओं के पूर्व इतिहास वाले
  2. जिन्हें पहले दिल का दौरा पड़ा हो
  3. उच्च रक्तचाप और उच्च कोलेस्ट्रॉल वाले
  4. धूम्रपान करने वाले और अधिक शराब पीने वाले
  5. एक निष्क्रिय जीवन शैली व्यतीत करने वाले

सर्दियों में हार्ट अटैक के जोखिम क्या हैं?

संकुचित रक्त वाहिकाएं

आमतौर पर जब आप व्यायाम करते हैं या शारीरिक रूप से सक्रिय होते हैं, तो आपकी रक्त वाहिकाएं आपके शरीर को अतिरिक्त ऑक्सीजन देने के लिए खुलती हैं, जो उसके द्वारा किए जा रहे काम के लिए आवश्यक होती है। लेकिन ठंड में, रक्त वाहिकाएं सिकुड़ जाती हैं, जिससे आपके हृदय तक रक्त का पहुंचना कठिन हो जाता है।

रक्तचाप का बढ़ना

रक्तचाप आपकी धमनियों के भीतर दबाव की मात्रा है। क्योंकि ठंड रक्त वाहिकाओं को संकरा कर देती है, इसका मतलब है कि आपके दिल को रक्त पाने और जरूरत की जगह पहुँचाने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी। इसका मतलब है कि ठंड का मौसम ब्लड प्रेशर को बढ़ा सकता है।

धड़कनों का बढ़ना

ठंड के मौसम में दिल की धड़कने बढ़ जाती हैं? ठंड आपकी हृदय गति को प्रभावित कर सकती है, क्योंकि जब तापमान गिरता है, तो आपके शरीर को गर्म रखने के लिए आपके हृदय को अधिक मेहनत करनी पड़ती है – इससे आपकी हृदय गति बढ़ जाती है। जबकि, पल्स रेट का बढ़ना दिल की बीमारी का संकेत नहीं है, यह एक संकेत है, कि आपका दिल अधिक काम कर रहा है और आपको ब्रेक की जरूरत है।

फ़्लू का संक्रमण

सर्दी के मौसम में दिल के दौरों में बढ़ोतरी के लिए Flu (Influenza) भी ज़िम्मेदार है। फ़्लू का संक्रमण रक्तचाप बढ़ा सकता है, श्वेत रक्त कोशिका की गतिविधि बढ़ा सकता है, और रक्त में सी-रिएक्टिव प्रोटीन और फाइब्रिनोजेन के स्तर को बदल सकता है – ये सभी आपके दिल के लिए बुरी ख़बरें हैं।

विटामिन डी की कमी

एक अन्य महत्वपूर्ण कारक सूर्य से हमारा कम संपर्क होना है। सर्दियों में घर के अंदर रहने के कारण या कुछ जगहों पर कम धूप मिलने के कारण, शरीर में विटामिन डी की कमी हो सकती है। हृदय रोगों और विटामिन डी की कमी के बीच संबंधों की जांच पर कई अध्ययन हुए हैं। हालाँकि, शोध नतीजे नहीं बताते हैं, कि विटामिन डी हृदय संबंधी समस्याओं को कम कर सकता है। लेकिन यह देखा गया है, कि विटामिन डी के निम्न स्तर अप्रत्यक्ष रूप से अधिक हृदय की समस्याओं से जुड़े हैं।

Cholesterol blocking artery

ख़राब शीतकालीन जीवन शैली कैसे हृदय रोग के खतरे को बढ़ाती है?

शायद इसमें कोई आश्चर्य वाली बात नहीं है, कि ज्यादातर लोग सर्दियों के दिनों में घूमने फिरने की बजाय सोफे पर कंबल ओढ़कर टीवी देखना ज्यादा पसंद करते हैं, जब बाहर का तापमान कम होता है।

ऐसे ठंडे मौसम में, हम तले भुने मसालेदार खाने और अधिक शराब पीने या फिर किसी कॉकटेल पार्टी के बारे में सोचते रहते हैं। यदि आप इस तरह के विचारों पर लगाम लगाकर नहीं रखते हैं, तो ये विकल्प आपके हृदय स्वास्थ्य के लिए बिल्कुल भी बढ़िया नहीं हैं।

इस तरह की जीवनशैली आपको बढ़ा वजन, उच्च कोलेस्ट्रॉल स्तर और उच्च रक्तचाप स्तर ही दे सकती है, जो हृदय रोग और दिल के दौरे के जोखिम को बढ़ाने का काम करते हैं। जीवनशैली में बदलाव, विशेष रूप से शारीरिक गतिविधि, आपके खतरे को प्रभावित कर सकते हैं।

सर्दियों में हार्ट अटैक से कैसे बचें?

अधिकतर लोग दिल के दौरे के संकेतों को केवल एसिडिटी या मांसपेशियों में खिंचाव समझकर इसे अनदेखा कर देते हैं और डॉक्टर से परामर्श नहीं करते हैं।

अध्ययनों के अनुसार, शहरी आबादी को ग्रामीण आबादी की तुलना में दिल का दौरा पड़ने का अधिक खतरा होता है। इसका मुख्य कारण हमारी गतिहीन जीवन शैली, उच्च स्तर का तनाव, खराब और अस्वास्थ्यकर आहार और उच्च प्रदूषण स्तर हैं।

यहां नीचे ठंड के मौसम में दिल के दौरे को कम करने के साथ ही सक्रिय और स्वस्थ रहने के लिए कुछ उपाय दिए गए हैं:

बाहर जाते समय गर्म कपडे पहनें

सर्दियों में बाहर जाते हैं, तो मौसम और अपनी गतिविधि के अनुसार कपड़े पहनें। सर्दियों में आप अधिक कपडे पहन सकते हैं, क्योंकि उन्हें आप अपनी गतिविधि के अनुसार उतार भी सकते हैं। अगर आपको ऐसा लगता है, कि गर्मी लग रही है, तो कुछ कपड़े उतार दें, यह गर्मी से बचने का एक अच्छा विचार है।

अपने तनाव को प्रबंधित करें

काम से ब्रेक लें, कोई शौक या किसी गतिविधि जैसे बागवानी या पेंटिंग में खुद को व्यस्त रखें, घर पर योग करने की कोशिश करें और ध्यान लगाएं। और सुनिश्चित करें, कि आप नियमित अंतराल पर काम से ब्रेक ले रहे हैं।

और पढ़ें – तनाव के कारण, लक्षण और प्रबंधन के उपाय

पानी पीने में कंजूसी ना करें

जब आप व्यायाम कर रहे हों तो बार-बार ब्रेक लें और हाइड्रेटेड रहें। निर्जलीकरण से शरीर का गर्म रहना कठिन हो जाता है, जिससे रक्त का थक्का जमना भी आसान हो जाता है।

व्यायाम बंद न करें

भले ही आप एकदम फिट हों, फिर भी सर्दियों के मौसम में नियमित व्यायाम करते रहें, ताकि आपका शरीर ठंड में काम करने के लिए समायोजित हो सके। कुछ हल्के व्यायाम करने की कोशिश करें जैसे स्ट्रेचिंग या जगह पर दौड़ना। हालांकि, ठंडे तापमान में सुबह जल्दी बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। इसलिए, अपने लिविंग रूम में योग, पाइलेट्स (Pilates) या सरल दिनचर्या का अभ्यास करें।

दिल की स्थिति पता है, तो विशेष ध्यान रखें

सच तो ये है, कि ठंड का मौसम और हृदय की स्थिति एक अच्छा संयोजन नहीं है। यदि आपको पहले भी दिल का दौरा पड़ चुका है या दिल की बीमारी है, तो आप इसे हल्के में न लें। दिल के स्वास्थ्य के लिए व्यायाम करने और सर्दी का सामना करने में डॉक्टर की सलाह लेने से, आपको आत्मविश्वास हासिल करने में मदद मिल सकती है।

अत्यधिक शराब से बचें

अत्यधिक शराब का सेवन आपके शरीर में आवश्यकता से अधिक गर्माहट भर सकता है, और ऐसी अवस्था में ठंड में बाहर जाना खतरनाक हो सकता है। आपका शरीर धीरे-धीरे तापमान के अनुकूल होता है, इसलिए कम मात्रा में पियें।

धूम्रपान या ई-सिगरेट (Vaping) बंद करें

सिगरेट से पूरी तरह परहेज करें, क्योंकि धूम्रपान हृदय रोग या हार्ट फेल के प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक है। धूम्रपान आपके रक्तचाप को बढ़ा सकते हैं और पट्टिका (Plaque) निर्माण का कारण बन सकते हैं। धूम्रपान छोड़ना सबसे अच्छी चीजों में से एक है, इतना एहसान तो आप अपने दिल पर कर ही सकते हैं।

नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए जाएं

सभी को नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए जाना चाहिए – भले ही उनका कोई मेडिकल इतिहास न हो। निवारक देखभाल (Preventive care) करते रहने से आपको स्वस्थ रहने में मदद मिलती है और संभावित मुद्दों को पहले पकड़ने में मदद मिल सकती है, और उनका इलाज करना आसान होता है।

यहां उन परीक्षणों की एक सूची दी गई है, जो 30-60 वर्ष की आयु के प्रत्येक व्यक्ति को सालाना करानी चाहिए।

  • 30 से ऊपर की महिलाओं के लिए 5 महत्वपूर्ण नैदानिक परीक्षण
  • 50 वर्ष से ऊपर के पुरुषों के लिए 6 महत्वपूर्ण नैदानिक परीक्षण

सर्दियों के दौरान स्वस्थ जीवनशैली और आहार को बनाए रखना महत्वपूर्ण है। स्वस्थ भोजन करें, अच्छी नींद लें यह न केवल सर्दियों में बल्कि पूरे वर्षभर आपके दिल को स्वस्थ रखने के लिए पर्याप्त व्यायाम करें।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल के मरीज अपना ख्याल कैसे रखें?

दिल के मरीजों को खासतौर पर सलाह दी जाती है, कि खराब, ठंडे और तेज हवा वाले मौसम में बाहर न घूमें। यदि आपको हाल ही में हृदय संबंधी कोई समस्या हुई है, तो आपको घर के अंदर ही रहने की कोशिश करनी चाहिए। फिर भी, खुद को ठंडे से गर्म या गर्म से ठंडे तापमान पर जल्दी जल्दी स्विच न करें।

क्या आहार का भी इस पर प्रभाव पड़ता है?

हां, सर्दियों में लोगों के उच्च कैलोरी आहार सेवन करने से हृदय स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव पड़ता है।

सर्दी व्यंजनों और पकवानों के सेट के साथ आती है। जबकि हम में से कई लोग यह मानते हैं, कि सर्दियों के मौसमी आहार स्वास्थ्य के लिए अच्छे होते हैं, और हम अक्सर इसके दुष्प्रभावों को नजरअंदाज कर देते हैं।

लोगों को सर्दियों में शराब के सेवन पर नियंत्रण रखना चाहिए, क्योंकि इससे वासोडिलेशन (Vasodilation) होता है, जो हानिकारक हो सकता है।

दिल के अच्छे स्वास्थ्य के लिए, लोगों को पिज्जा और बर्गर जैसे जंक फ़ूड और वसायुक्त भोजन के बजाय ताजे फल, सूखे मेवे और सब्जियों का सेवन बढ़ाना चाहिए।

सहरुग्णता वाले क्या करें?

सहरुग्णता (Comorbiditie) वाले लोगों को अपनी दवा नियमित रूप से लेनी चाहिए। उन्हें ठंड के मौसम से खुद की हिफाजत चाहिए। यदि ऐसे लोगों को दिल का दौरा पड़ने का कोई भी लक्षण महसूस होता या दिखता है, तो उन्हें तत्काल चिकित्सा सहायता लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।

विशेषज्ञ बताते हैं, “सर्दियों के दौरान सुबह के समय इस तरह के लक्षण अधिक आम होते हैं।”

सर्दी के मौसम में खुद को सुरक्षित रखने के टिप्स

  • ठंड के दिनों में घर के अंदर रहें और अपने घर को गर्म रखें।
  • सक्रिय रहें, हल्के फुल्के व्यायाम करें या टहलें।
  • बाहर गर्म कपड़े पहनकर जाएं।
  • अपने आप को गर्म रखने के लिए सूप या शोरबा पियें।
  • पत्तेदार साग और मौसमी फल, साबुत अनाज, स्वस्थ वसा आदि युक्त संतुलित आहार लें।
  • शराब और कार्बोनेटेड पेय का सेवन कम से कम करें।
  • धूम्रपान छोड़ दें।

Last but not Least…

सर्दियों में हार्ट अटैक का खतरा नियमित व्यायाम, सही खान-पान और स्वस्थ जीवन शैली बनाए रखने से कम हो जाता है। यह न केवल सर्दियों में बल्कि, सभी मौसमों में आपके दिल के स्वास्थ्य को सुधारने में सहायता करता है।

यदि आप ऐसे व्यक्ति हैं, जिसे हार्ट अटैक का जोखिम है, तो आप खासकर सर्दियों में नियमित रूप से रक्तचाप और रक्त शर्करा की जांच करायें। उन्हें सामान्य स्तर पर बनाए रखने के लिए प्रयत्नशील रहें।

इसके अतिरिक्त, यदि आप इस बात को लेकर चिंताग्रस्त हैं, कि पूरा सीज़न को कैसे बीतेगा, तो यह न भूलें! कि अच्छे स्वास्थ्य के लिए आपको हमेशा खुश और चिंता मुक्त रहने की जरूरत है।

सर्द मौसम आपके दिल के लिए परेशानी बढ़ा सकता है। हृदय संबंधी कुछ स्थितियों में आपातकालीन उपचार की आवश्यकता हो सकती है। इसलिए, लक्षणों के अनुसार तुरंत डॉक्टर से परामर्श करना सबसे अच्छा है। निदान और उपचार में देरी घातक हो सकती है या जटिलताओं के जोखिम को बढ़ा सकती है।

 

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Disclaimer

इस Article के माध्यम से दी गई जानकारी, केवल शिक्षा के उद्देश्य से बीमारियों और स्वास्थ्य के बारे में लोगों को सचेत करने का एक साधन मात्र है। हमेशा कोशिश रहती है, कि हर लेख संपूर्ण और सटीकता से परिपूर्ण हो। इस Blog पर उपलब्ध किसी भी सलाह, सुझावों को निजी स्वास्थ्य के लिए उपयोग में लाने से पहले अपने चिकित्सक की सलाह अवश्य लें।

 

 

References –

https://timesofindia.indiatimes.com/life-style/health-fitness/health-news/heart-attack-does-the-risk-increase-during-the-winter-season/photostory/96268776.cms

https://www.ncbi.nlm.nih.gov/pmc/articles/PMC3662093/

https://www.nm.org/healthbeat/healthy-tips/Your-Heart-in-Winter

How To Care For Your Heart In Winters

https://www.medanta.org/patient-education-blog/preventing-winter-heart-attacks/

https://pharmeasy.in/blog/why-do-more-people-get-heart-attacks-in-winter/

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Ashok Kumar
Ashok Kumar

नमस्कार दोस्तों,
मैं एक Health Blogger हूँ, और स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के बारे में शोध-आधारित लेख लिखना पसंद करता हूँ, जो शिक्षाप्रद होने के साथ प्रासंगिक भी हों। मैं अक्सर Health, Wellness, Personal Care, Relationship, Sexual Health, और Women Health जैसे विषयों पर Article लिखता हूँ। लेकिन मेरे पसंदीदा विषय Health और Relationship से आते हैं।

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